आ जाओ प्रीतम मेरे


आ जाओ प्रीतम मेरे
चाव चड़े फिर, दिल मे मेरे
आ जाओ ……
ईक अंबर खाली, उपर छाया
ईक खाली अंबर, मेरे अंदर
बीच मे तन्हाई, दिल मे मेरे
आ जाओ ……..
किसको कहूँ, मैं कैसे कहूँ,
दर्द इस्क़ का कैसे सहुं,
ईक आग लगी है, दिल मे मेरे
आ जाओ……………
पायसा बादल बनकर, मुझ पर छा जाओ
ऐसे कि मैं तुमको, तुम मुझको मिटा जाओ
प्यार रह जाए बाकी, दिल मे मेरे
आ जाओ ………

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2 Responses to आ जाओ प्रीतम मेरे

  1. amazing capture of sweetest passion.

  2. Nirmal Bajwa says:

    Thx Sharmishtha for nice compliments.

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